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शेयर कैसे खरीदें और बेचे

शेयर कैसे खरीदें और बेचे

SBI डीमैट खाते मे शेयर कैसे ख़रीदे ? Buy Shares Using SBI Trading अकाउंट

SBI कैप सिक्योरिटीज मे डीमैट खाता कैसे खोलना है इसके बारे मे मैंने आपको इसके पहले के आर्टिकल मे विस्तार से बताया लेकिन उसके बाद शेयर कैसे ख़रीदे आगे की प्रक्रिया क्या है सभी लोग नहीं जानते है काफी लोग दुसरो के माध्यम से ट्रेड निवेश करते है। आमतौर डिस्काउंट ब्रोकर मे ट्रेड कैसे करे इस बारे मे बोहोत ज्यादा लिखा जाता है यकीन बोहोत कम लिखा जाता है फुल टाइम सेवा ब्रोकर के बारे मे बोहोत सारे लोगो को मालूम ही नहीं होता की SBI भी डीमैट खाते की सुविधा देते है।

अगर आप शेयर बाजार मे निवेश करते है और बाजार मे होने वाले न्यूज़ से ज्ञात है तो आपको मालूम होगा की SBI के समूह का मिलाप होकर सब एक हो गए है जैसे पहले अलग थे इसके कारन अब SBI की ग्राहक संख्या बढ़ गए है और डीमैट खाता खोलने वालो की संख्या भी बढ़ रही है।

SBI कैप सिक्योरिटीज मे शेयर कैसे ख़रीदे :(How To Buy Shares In SBI)

एसबीआई डीमैट खाता खोलने के बाद आपको आपका लोग इन आयडी और पासवर्ड मिलता है आपको उसी से लोग इन करना होता है जानते है लोग इन की पूरी प्रक्रिया।

  • सबसे पहले आपको SBI स्मार्ट की वेबसाइट पर जाना है। उसके लिए यहाँ क्लिक करे SBI स्मार्ट वेबसाइट
  • दाए और आपको लोग इन का विकल्प दिखाए देगा। आपको उसपर क्लिक करना है एक और विकल्प आएगा जिसमे ट्रेड लॉगिन का विकल्प होगा आपको उसपर क्लिक करना है।
  • उसके बाद आपको दिया गया क्लाइंट कोड पासवर्ड और पैन कार्ड नंबर डालना है फिर आपको लोग इन पर क्लिक करना है।
  • लोग इन होने के बाद आपको डैशबोर्ड दिखाए देगा जिसपर आपको बोहोत सारे वकल्प मिलेंगे। सबसे पहला विकल्प होगा ट्रेड याने निवेश का।
  • आपको ट्रेड पर क्लिक करना है।
  • क्लिक करने के बाद आर्डर एंट्री का पेज ओपन होगा निचे का स्क्रीन शॉट चेक कीजिये।
  • जिसपर आपको ट्रेड इक्विटी का विकल्प चुनना है और फिर आगे एक्सचेंज चुनना है जो की NSE और BSE मे से एक होगा
  • उसके बाद आपको जो शेयर खरदीना है उसका नाम डालना है जो की शार्ट मे डालना है उदहारण का तौर पर अगर आपको हीरो मोटोकॉर्प का शेयर लेना है तो HEROMOTOCO ऐसा टाइप करना होगा। और GO पर क्लिक करना है।
  • उसके बाद एक और पेज पर आपको हीरो मोटोकॉर्प शेयर की मार्किट प्राइस दिखाए देगी और निचे शेयर BUY और sale का विकल्प होगा।
  • अगर आपको शेयर मार्किट मे चल रही कीमत पर लेना है तो आपको मार्किट प्राइस चुनना है और अगर आपने कोई प्राइस निर्धारित की है तो निर्धारित लिमिट चुनें है (यहाँ पर आपको आपकी लिमिट कीमत डालनी है )और आपको शेयर डिलीवरी या फिर इंट्राडे लेना है यहाँ भी चेक करना पड़ेगा।
  • उसके बाद आपको कितने शेयर खरदीने है उसकी संख्या डालनी है उदहारण आपको १०० शेयर खरीदने है तो १०० की क्वांटिटी डालनी है।
  • उसके बाद आपको BUY पर क्लिक करना है।
  • फिर आपको डाली गए क्वांटिटी शेयर चेक करके कन्फर्म पर क्लिक करना है।
  • शेयर कैसे खरीदें और बेचे
  • उसके बाद आपकी राशि आपके LIEN फण्ड से कट होकर आपके शेयर डीमैट खाते मे अगले दिन शो हो जायेंगे।

SBI स्मार्ट मे डीमैट खाते पर पैसे कैसे भेजे :(How To Add Money In SBI Dimat Trading Account)

SBI मे जब शेयर खरीदेंगे तब बाकि फुल टाइम ब्रोकर जैसी राशि सीधे आपके खाते से नहीं कट होती है आपको LIEN के जरिए राशि खाते मे जमा करनी पड़ती है। इसके लिए मे आपको सभी प्रक्रिया स्टेप बाय स्टेप बताता हु।

  • लोग इन करने के बाद जो ट्रेड का विकल्प आपको दिखाई देता है उसपर क्लिक करने के बाद आपको निचे LIMITS ऐसा विकल्प मिलेगा।
  • LIMITS के ऑप्शन पर आपको क्लिक करना है एक और विकल्प आपको मिलेगा निचे लिखा होगा MANAGE पैसे डालने के लिए उसपर क्लिक करना है।
  • MANAGE पर क्लिक करने के बाद FUND LIEN का विकल्प आपके सामने होगा। fund lien का मतलब राशि को डीमैट खाते मे ऐड करना।
  • क्लिक करना के तुरंत बाद एक और नया पेज खुलेगा जिसपर आपको ट्रांसफर की राशि बैंक का नाम डालना है।
  • और LIEN पर क्लिक कर देना है।
  • उसके बाद आपके NET बैंकिंग द्वारा राशि डीमैट खाते मे ट्रांसफर हो जाएगी।

ये बात हुई शेयर को कैसे ख़रीदे लेकिन अगर आपको ये बात भी पता होना चाहिए की कौन सा शेयर खरदीने है और उसे खरदीने के सबसे बढिये समय कौन सा इसके लिए आप इस मेरे इस पोस्ट को ध्यान से पढ़े।

Stock Market: शेयर बाजार क्या है?

अगर शाब्दिक अर्थ में कहें तो शेयर बाजार किसी सूचीबद्ध कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने-बेचने की जगह है.

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BSE या NSE में ही किसी लिस्टेड कंपनी के शेयर ब्रोकर के माध्यम शेयर कैसे खरीदें और बेचे से खरीदे और बेचे जाते हैं. शेयर बाजार (Stock Market) में हालांकि बांड, म्युचुअल फंड और डेरिवेटिव का भी व्यापार होता है.

स्टॉक बाजार या शेयर बाजार में बड़े रिटर्न की उम्मीद के साथ घरेलू के साथ-साथ विदेशी निवेशक (FII या FPI) भी काफी निवेश करते हैं.

शेयर खरीदने का मतलब क्या है?
मान लीजिये कि NSE में सूचीबद्ध किसी कंपनी ने कुल 10 लाख शेयर जारी किए हैं. आप उस कंपनी के प्रस्ताव के अनुसार जितने शेयर खरीद लेते हैं आपका उस कंपनी में उतने हिस्से का मालिकाना हक हो गया. आप अपने हिस्से के शेयर किसी अन्य खरीदार को जब भी चाहें बेच सकते हैं.

कंपनी जब शेयर जारी करती है उस वक्त किसी व्यक्ति या समूह को कितने शेयर देना है, यह उसके विवेक पर निर्भर है. शेयर बाजार (Stock Market) से शेयर खरीदने/बेचने के लिए आपको ब्रोकर की मदद लेनी होती है.

ब्रोकर शेयर खरीदने-बेचने में अपने ग्राहकों से कमीशन चार्ज करते हैं.

किसी लिस्टेड कंपनी के शेयरों का मूल्य BSE/NSE में दर्ज होता है. सभी सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों का मूल्य उनकी लाभ कमाने की क्षमता के अनुसार घटता-बढ़ता रहता है. सभी शेयर बाजार (Stock Market) का नियंत्रण भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी या SEBI) के हाथ में होता है.

Sebi की अनुमति के बाद ही कोई कंपनी शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्ट होकर अपना प्रारंभिक निर्गम इश्यू (आईपीओ या IPO) जारी कर सकती है.

प्रत्येक तिमाही/छमाही या सालाना आधार पर कंपनियां मुनाफा कमाने पर हिस्साधारकों को लाभांश देती है. कंपनी की गतिविधियों की जानकारी SEBI और BSE/NSE की वेबसाइट पर भी उपलब्ध होती है.

कोई कंपनी BSE/NSE में कैसे लिस्ट होती है?
शेयर बाजार (Stock Market) में लिस्ट होने के लिए कंपनी को शेयर बाजार से लिखित समझौता करना पड़ता है. इसके बाद कंपनी पूंजी बाजार नियामक SEBI के पास अपने सभी जरूरी दस्तावेज जमा करती है. SEBI की जांच में सूचना सही होने और सभी शर्त के पूरा करते ही कंपनी BSE/NSE में लिस्ट हो जाती है.

इसके बाद कंपनी अपनी हर गतिविधि की जानकारी शेयर बाजार (Stock Market) को समय-समय पर देती रहती है. इनमें खास तौर पर ऐसी जानकारियां शामिल होती हैं, जिससे निवेशकों के हित प्रभावित होते हों.

शेयरों के भाव में उतार-चढ़ाव क्यों आता है?
किसी कंपनी के कामकाज, ऑर्डर मिलने या छिन जाने, नतीजे बेहतर रहने, मुनाफा बढ़ने/घटने जैसी जानकारियों के आधार पर उस कंपनी का मूल्यांकन होता है. चूंकि लिस्टेड कंपनी रोज कारोबार करती रहती है और उसकी स्थितियों में रोज कुछ न कुछ बदलाव होता है, इस मूल्यांकन के आधार पर मांग घटने-बढ़ने से उसके शेयरों की कीमतों में उतार-चढाव आता रहता है.

अगर कोई कंपनी लिस्टिंग समझौते से जुड़ी शर्त का पालन नहीं करती, तो उसे सेबी BSE/NSE से डीलिस्ट कर देती है.

शायद आपको पता न हो, विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल वारेन बफे भी शेयर बाजार (Stock Market) में ही निवेश कर अरबपति बने हैं.

आप कैसे कर सकते हैं शेयर बाजार में निवेश की शुरूआत?
आपको सबसे पहले किसी ब्रोकर की मदद से डीमैट अकाउंट खुलवाना होगा. इसके बाद आपको डीमैट अकाउंट को अपने बैंक अकाउंट से लिंक करना होगा.

बैंक अकाउंट से आप अपने डीमैट अकाउंट में फंड ट्रांसफर कीजिये और ब्रोकर की वेबसाइट से खुद लॉग इन कर या उसे आर्डर देकर किसी कंपनी के शेयर खरीद लीजिये.

इसके बाद वह शेयर आपके डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर हो जायेंगे. आप जब चाहें उसे किसी कामकाजी दिन में ब्रोकर के माध्यम से ही बेच सकते हैं.

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निवेश के लिए सही शेयर कैसे खरीदें, इन 6 बातों का रखें ध्यान

सही शेयर का चुनाव आसान काम नहीं है. ऐसी कई बातें हैं जिन पर ध्यान न देने से नुकसान झेलना पड़ सकता है.

By: एबीपी न्यूज़ | Updated at : 10 Jun 2021 10:24 PM (IST)

आप अगर निवेश के लिए शेयर खरीदने की योजना बना रहे हैं तो जान लें कि यह कोई आसान काम नहीं है. ऐसी कई बातें हैं जिन पर ध्यान न देने से नुकसान झेलना पड़ सकता है. बिना छानबीन और सुनी सुनाई बातों के आधार पर शेयर नहीं खरीदना चाहिए. आज हम आपको ऐसी ही कुछ बातों के बारे में बताएंगे जिन्हें ध्यान में रखकर आप सही शेयर चुन सकते हैं.

मजबूत शेयर के साथ जुड़ें
मजबूत शेयर (जिनमें ट्रेडिंग वॉल्यूम ज्यादा हो) के साथ जुड़ा रहना फायदे का सौदा है. कम ट्रेड किए जाने शेयर कैसे खरीदें और बेचे शेयर कैसे खरीदें और बेचे वाले शेयरों में नकली तेजी लाई जा सकती है. बड़े शेयरों में इसकी गुंजाइश अधिक नहीं होती है.

कंपन की ये तीन चीजें देखें
शेयर चुनते वक्त कभी भी इधर-उधर की सलाह जैसे फोन और एसएमएस पर मिलने वाली हॉट टिप्स पर बिल्कुल ध्यान नहीं देना चाहिए. इसी तरह टीवी पर कोई बढ़िया चर्चा देखकर पैसा लगाने का फैसला नहीं करें. शेयर खरीदने से पहले कंपनी की अर्निंग ग्रोथ, मैनेजमेंट क्वालिटी और बैलेंसशीट पर ध्यान देना चाहिए. इन तीन बिंदुओं पर मजबूत कंपनी में नुकसान के आसार कम होंगे.

शेयर की तेजी नहीं उसके पीछे का कारण देखें
केवल यह देखकर कि शेयर ऊपर जा रहे हैं अंधाधुंध पैसा नहीं लगना चाहिए. बल्कि तेजी के पीछे के कारण को समझने की कोशिश करनी चाहिए. अगर यह तेजी कंपनी की बुनियादी बातों से मेल नहीं खा रही है तो उससे दूर रहने में ही भलाई है.

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ब्रोकरों की के दावों को क्रॉसचेक करें
ब्रोकरों की सलाह आंख मूंदकर न मानें. इसमें उसका निजी हित जुड़ा हो सकता है. तमाम उपलब्ध संसाधनों से क्रॉस चेक जरूर करें नहीं नुकसान उठाना पड़ सकता है.

अगर गिरने लगे शेयर के दाम
एक स्टॉप लॉस जरुर रखें जैसे ही कोई शेयर इसे पार करे तो तुरंत फैसला लें. जैसे कि अगर कोई शेयर अपने खरीद मूल्य से 20 फीसदी नीचे चला जाए तो उसे बेचने में ही समझदारी है. नुकसान वाले शेयर को यह सोचकर लंबे वक्त तक रखना और यह इंतजार करना कि यह एक दिन बढ़ेगा गलत रणनीति है.

कंपनी के दावों की सच्चाई जानने की कोशिश करें
कंपनी के दावों की असलियत का पता करने के लिए खुद रिसर्च करें. यह पता करें कि कंपनी को वास्तव में प्रॉफिट हुआ है या नहीं. या फिर उसने नए ऑर्डर पाने का जो दावा किया है, वह कितना सही है.

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Published at : 10 Jun 2021 10:24 PM (IST) Tags: Money Investment Stock Market shares company broker हिंदी समाचार, ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें abp News पर। सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट एबीपी न्यूज़ पर पढ़ें बॉलीवुड, खेल जगत, कोरोना Vaccine से जुड़ी ख़बरें। For more related stories, follow: Business News in Hindi

मैं एक अनलिस्टेड कंपनी के शेयर कैसे खरीदूं?

मैं एक अनलिस्टेड कंपनी के शेयर कैसे खरीदूं?मैं एक अनलिस्टेड कंपनी के शेयर कैसे खरीदूं? शेयर बाजार की नियामक संस्था कौन है शेयर बाजार के नियम शेयर बाजार की नियामक संस्था है शेयर मार्केट गाइड pdf शेयर मार्केट कैसे सीखे हिंदी शेयर कैसे खरीदते है शेयर मार्केट क्या है हिंदी में share kaise kharide भारत में अनलिस्टेड कंपनियों के शेयर कैसे बेचे अनलिस्टेड शेयर बेचना अनलिस्टेड शेयर भारत कैसे खरीदें अनलिस्टेड शेयर मूल्य सूची 3a पूंजी अनलिस्टेड शेयर सूची एचडीबी वित्तीय सेवाओं ने शेयरों को अनलिस्ट किया गैर-सूचीबद्ध सार्वजनिक कंपनी के शेयर अनलिस्टेड ज़ोन

Station Guruji

शॉर्ट सेलिंग क्या है और शेयर बाजार में इसे कैसे किया जाता है?

शॉर्ट सेलिंग क्या है?

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यदि आप शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो शॉर्ट सेलिंग (Short selling) के बारे में सुने होंगे। आप में से कई लोग शॉर्ट सेलिंग करते भी होंगे। लेकिन शॉर्ट सेलिंग के बारे में पूरी जानकारी नहीं होने के कारण आप इससे अनजान होंगे।

आज मैं आपको शॉर्ट सेलिंग के बारे में पूरी जानकारी दे रहा हूं। शॉर्ट सेलिंग क्या होता है? यह किस प्रकार काम करता हैै? Short selling द्वारा प्रत्येक दिन हजारों का मुनाफा कमा सकते हैं।

कुछ दिन पहले मैंने बताया था कि शेयर बाजार में निवेश कैसे करें? फिर इंट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) में प्रतिदिन हजार रुपे कैसे कमाए? अच्छा शेयर का चुनाव कैसे करें?

P/E Ratio का क्या महत्व क्या है? इस प्रकार आपको स्टॉक मार्केट का काफी जान हो गया है। अब मैं आपको वह बता रहा हूं जो आप के लिए स्टॉक मार्केट में काफी सहायक सिद्ध होगा।

हम एक दूसरे को कहते हैं कि जब भी हम शेयर खरीदते हैं उसका दाम नीचे आ जाता है। जब भी हम निवेश करने की सोचते हैं शेयर मार्केट नीचे आ जाता है। मैं आपको शॉर्ट सेलिंग के बारे में बता रहा हूं। स्टॉक मार्केट भले ही नीचे गिरे लेकिन शॉर्ट सेलिंग से आप का मुनाफा उपर ही जाएगा।

यदि आप गिरते हुए मार्केट में Intraday Trading करते हो तो आपका नुकसान पक्का है और जानबूझकर नुकसान उठाना कोई भी नहीं चाहता है। शॉर्ट सेलिंग वह तरीका है जिसमें यदि मार्केट नीचे जा रही है तब भी आप निवेश करके अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। अभी शायद आप मेरी बातों को नहीं समझ रहे हैं। आगे मैं आपको उदाहरण के द्वारा इसे समझा रहा हूं।

शॉर्ट सेलिंग(Short selling) कैसे करें?

शॉर्ट सेलिंग में पहले हम शेयर को बेचते हैं और बाद में उसे खरीदते हैं। आप सोच रहे होंगे जो शेयर मेरे पास है ही नहीं उसे हम कैसे बेंच सकते हैं। इसका जवाब यह है कि आपका ब्रोकर उस कंपनी को विश्वास दिलाता है कि शाम तक आपका शेयर खरीद लेंगे तभी कोई निवेशक शॉर्ट सेल कर पाता है।

आप अभी भी नहीं समझे। इसे एक उदाहरण द्वारा समझते हैं। मान लिया कि अभी टाटा मोटर्स के 1 शेयर के दाम ₹400 है। आपको लगता है कि आज इस शेयर का दाम नीचे जाएगा। आपने टाटा मोटर्स के 50 शेयर ₹ 400 में बेच यानि शॉर्ट सेलिंग कर दिया।

एक घंटा बाद उस शेयर का दाम ₹380 हो गया। फिर आप उनको खरीद लिया। एक शेयर पर ₹20 मुनाफा हुआ। चुकी आप 50 शेयर बेचे थे इसलिए 50 × 20 = 1000 यानी आपको 1 घंटे में ₹ 1000 का मुनाफा हो गया। इसे इंट्राडे शॉर्ट सेलिंग कहते हैं।

इस प्रकार आप किसी भी कम शेयर पहले बेच देंगे और उसके बाद उसे खरीद लेंगे। यदि उसका दाम नीचे आया तो आपको मुनाफा हो जाएगा।

इंन्ट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) में मैंने आपको बताया था कि आप किसी भी कंपनी का शेयर खरीद लीजिए जो आपको लगता है इसका दाम ऊपर जाएगा और जब उसका दाम ऊपर चला जाता है आप उसे बेचकर मुनाफा कमा ले है।

शॉर्ट सेलिंग, इंन्ट्राडे ट्रेडिंग (Intraday Trading) का बिल्कुल उल्टा है। पहले इसमें शेयर बेचते हैं और बाद में खरीदते हैं। यह पूरा प्रोसेस आपको उसी दिन करना होता है। 3:30 बजे से पहले पहले आपको पूरी प्रक्रिया कर लेना है।

9:15 के मार्केट खुलता है और 3:30 पर शेयर मार्केट बंद होता है। इस बीच में आप इंट्राडे और शॉर्ट सेलिंग दोनों काम पूरे करने होते हैं। यदि आप शॉर्ट सेलिंग करते हैं पहले शेयर बेच दे और जब उसका दाम नीचे आ गया तो उसे खरीद लें।

चुकी शॉर्ट सेलिंग में आपने वह शेयर बेचा है जो आपके डिमैट अकाउंट में था ही नहीं इसलिए आपके अकाउंट में कुछ भी शेयर नहीं आएगा। सिर्फ केवल मुनाफा या नुकसान आपके अकाउंट में आएगा।

शॉर्ट सेलिंग (Short selling) से क्या फायदे हैं?

इस प्रकार आप शॉर्ट सेलिंग समझ गए होंगे। अब आपके मन में यह सवाल उठता होगा कि शॉर्ट सेलिंग से क्या फायदे हैं? शॉर्ट सेलिंग से कई फायदे हैं जो इस प्रकार है-

1. जिस दिन मार्केट नीचे की ओर जा रहा है उस दिन भी आप शॉर्ट सेलिंग द्वारा मुनाफा कमा सकते हैं।

2. कौन सा शेयर ऊपर जाएगा यह अंदाज लगाना मुश्किल है। लेकिन किस शेयर का दाम नीचे जाएगा यह अंदाज लगाना काफी आसान है। इस प्रकार आप शॉर्ट सेलिंग में आसानी से शेयर को चुन सकते हैं।

3. शेयर मार्केट के सेंसेक्स ऊपर जाने के कुछ विशेष कारण नहीं होते लेकिन नीचे जाने की कई कारण होते हैं। जैसे कोरोना महामारी, चीन से तनाव, अमेरिका से संबंध खराब, चक्रवात, मानसून इत्यादि।

इसलिए गिरते मार्केट में मुनाफा कमाने का मूल मंत्र है शॉर्ट सेलिंग हैं।

4. चुकी आपको उसी दिन शॉर्ट सेलिंग में शेयर को बेचना और खरीदना होता है। इसलिए आपको कल की चिंता नहीं करनी पड़ती है कि कल मार्केट ऊपर जाएगा या नीचे आएगा।

5. शॉर्ट सेलिंग में आप को ज्यादा पैसे लगाने की आवश्यकता नहीं होती। आपके अकाउंट में जितना पैसा है उसके 5 से 10 गुना ज्यादा आप शॉर्ट सेलिंग कर सकते हैं।

जैसे आपके अकाउंट में मान लीजिए ₹ 10,000 है तो आप 50,000 से 1,00,000 तक का शॉर्ट सेलिंग कर सकते हैं।

शॉर्ट सेलिंग (Short selling) से नुकसान

जैसा कि आप जानते हैं कि जिस में फायदा है इसमें नुकसान भी होता है। दुनिया की कोई भी काम ऐसा नहीं है जिसमें फायदा ही फायदा है नुकसान नहीं। ठीक उसी प्रकार शॉर्ट सेलिंग में भी कुछ नुकसान है।

यदि आपका अनुमान गलत हो गया और शेयर का दाम नीचे आने के बजाय ऊपर चला गया तो आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है। जैसे आपने किसी कंपनी का शेयर ₹ 100 पर शॉर्ट सेल किया।

शाम तक उस शेयर का मूल्य ₹ 100 से ₹ 120 पर पहुंच गया। आपको उस शेयर करो ₹ 120 में बाय करना पड़ेगा। इस प्रकार आपको₹ 20 प्रति शेयर नुकसान उठाना पड़ेगा।

इसके अलावा केई नुकसान है जो इस प्रकार है-

1. कई बार होता है कि जिस कंपनी का शेयर हम Short selling किए हैं दिन के अंत तक खरीद नहीं हो पाता है। क्योंकि उसे कोई खरीदार है ही नहीं। शेयर खरीद नहीं होने के कारण हम डिफॉल्टर के श्रेणी में आ जाते हैं। सेबी द्वारा हम पर जुर्माना लगाया जाता है।

2. बहुत से ऐसे कंपनी है जिसमें शॉर्ट सेलिंग नहीं की जाती है। कई बार हम उस शेयर का चुनाव कर लेते हैं और शॉर्ट सेलिंग नहीं होने के कारण हमें निराशा हाथ आती है।

3. शॉर्ट सेलिंग करने के बाद कई बार उस शेयर में लोअर सर्किट लगा दिया जाता है जिससे हमो उसे शेयर को बेचने में बहुत परेशानी आती है।

4. कई बार अनुमान गलत होने से काफी नुकसान उठाना पड़ता है। चुकी हमें यह काम उसी दिन पूरा करना होता है। इसलिए यदि शेयर को हम इस उम्मीद में शॉर्ट सेलिंग करते हैं कि इसका दाम नीचे जाएगा और यदि दाम उपर चला जाता है तो हमें ना चाहते हुए भी उसे नुकसान पर खरीदने होते है।

5. कई बार शॉर्ट सेलिंग में जानबूझकर कंपनी के शेयर का दाम गिराया जाता है। जिसके कारण मार्केट में उथल पुथल मच जाता है।

क्या हमें शॉर्ट सेल (Short selling) करना चाहिए?

दोस्तों मैं कोई भी सलाह तभी देता हूं जब मैं वह काम स्वयं करता हूं। मैं पिछले 10 सालों से शेयर मार्केट में निवेश करता हूं और वही सलाह आपको देता हूं जो सही है।

शॉर्ट सेलिंग शेयर मार्केट से लाभ कमाने का एक अच्छा तरीका है। भारत में लाखों लोग शॉर्ट सेलिंग करते हैं। लेकिन इसमें कई प्रकार के रिस्क भी हैं। यदि आप जोखिम उठाने के लिए तैयार हो तभी आप Short selling करें।

कई बार इसमें नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। निवेश करने से पहले अच्छी तरह जांच पड़ताल कर लें तभी निवेश करें। किसी के कहने और सुनने से कभी भी शेयर कैसे खरीदें और बेचे शेयर कैसे खरीदें और बेचे निवेश ना करें। उतना ही पैसा निवेश करें जितना नुकसान आप सहन कर सकते हैं। कभी भी कर्जा लेकर निवेश ना करें।

स्टेशन गुरुजी

मेरे वेबसाइट का नाम स्टेशन गुरुजी है। मैं मोटिवेशनल कहानी, पढ़ाई लिखाई, वित्तीय जानकारी इत्यादि विषयों पर सच्ची एवं अच्छी जानकारी देता रहता हूं। यह आपके लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है।

आप कभी भी गूगल में जाकर स्टेशन गुरुजी और उसके आगे अपना सवाल लिख दे। आपको उसका जवाब मिल जाएगा। यदि आपके मन में कोई और सवाल हो तो आप मुझे ईमेल कर दे। मैं आपको जवाब देने का प्रयास करूंगा। मेरा ईमेल आईडी है [email protected]

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