इन्वेस्टिंग

शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है?

शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है?
Sensex Meaning In Hindi

सेंसेक्स क्या है – सेंसेक्स कैसे Calculate करते है पूरी जानकारी (Sensex in Hindi)

शेयर बाजार में म्यूच्यूअल फंड्स , इक्विटी मार्किट, कमोडिटी मार्किट निफ्टी के जैसे ही सेंसेक्स का बहुत नाम है.

सेंसेक्स का नाम शेयर मार्किट में इसलिए सबसे ज्यादा है क्योंकी यह स्टॉक मार्किट का एक इंडेक्स है जो की आपको बाजार के उतर चढाव के बारे में बताता है. सेंसेक्स निफ्ट्री से पुराना है और यह निफ्टी से अलग भी है.

लेकिन यह भी मार्किट का एक इंडिकेटर है जो की आपको मार्किट में हो रहे बद्लाबों को बताता है और आपको इसके शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? बारे में विस्तार से जानकारी देता है .

प्रिश्न पर पर क्लिक करे और उत्तर पर जाए !

What is Sensex Full Form

Sensex Full Form is : “Sensitive Index” यह Sensex का Full form है, Sensitive Index को शेयर मार्किट में शॉर्ट में Sensex कहते है.

Sensex Full Form in Hindi

Sensex Full Form in Hindi : “संवेदनशील सूचकांक” यह Sensex का Hindi Full Form है, संवेदनशील सूचकांक को शॉर्ट में सेंसेक्स कहते है.

Sensex Meaning in Hindi

Sensex Meaning in Hindi : इसका मतलब हिंदी में कुछ नहीं होता क्योंकी इसे English के दो शब्दों को मिलाकर बनाया गया है sensex को “sensitive” और “index” इन दोनों शब्दों को मिलाकर बनाया गया है. इस लिए हम हिंदी में भी सेंसेक्स ही कहेंगे.

लेकिन सेंसेक्स शब्द का मतलब संवेदनशील सूचकांक होगा .

Sensex Meaning in Gujarati

चुकी sensex शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है और इस शब्द का अपना कोई अर्थ नहीं है तो इसलिए इसे हम गुजराती में भी “सेंसेक्स” ही कहेंगे लेकिन गुजरात में इसके दोनों शब्दों को हम “સુગ્રાહી સૂચકાંક” कहेंगे .

Sensex Meaing In Bengali

सेंसेक्स दो शब्दों से मिलके बना एक शब्द है जिसका कोई अर्थ नहीं है और इसी कारण से हम इसे बंगाली में भी Sensex ही कहते है.

लेकिन जिन दो शब्दों से मिलकर सेंसेक्स बनान है उन्हें हम बंगाली में “সংবেদনশীল সূচক” कहते है.

Sensex Kya Hota Hai

सेंसेक्स क्या होता है :- सेंसेक्स “Stock Exchange” का सूचकांक “index” होता है, सेंसेक्स BSE (Bombay Stock Exchange) का सूचकांक है.

Sensex Kya Hai in Hindi

Sensex Kya Hai in Hindi

What is Sensex in Hindi

सेंसेक्स मुंबई की स्टॉक एक्सचेंज BSE (Bombay Stock Exchange) का एक सूचकांक है यानि index है .

सेंसेक्स BSE स्टॉक एक्सचेंज में होने वाले उतर चढाव को बताता है. सेंसेक्स में BSE की Top 30 company को index किया जाता है जो की 13 अलग अलग सेक्टर से चुनी जाती है .

यह top 30 company अपने अपने सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी होती है जिनकी मार्किट में वैल्यू बहुत होती है. सेंसेक्स भारत का सबसे पुराना स्टॉक इंडेक्स है नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE ने सेंसेक्स के बाद ही निफ्टी को बनाया .

BSE के सूचकांक को 1986 में बनाया गया था और इसको “sensitive index” कहा गया जिसको छोटा करके इसका नाम sensex रखा गया .

सेंसेक्स क्या है?

सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का एक इंडेक्स है जिसके अन्दर केवल Top 30 company लिस्ट होती है इसलिए इसे “BSE 30” भी कहा जाता है.

BSE 30 और sensex यह दोनों ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के इंडेक्स के नाम है . अगर आप BSE में होने वाले उतर चढव को देखना चाहते है तो आप सेंसेक्स देख कर समझ सकते है .

Sensex Kaise Banta Hai?

सेंसेक्स को स्टॉक एक्सचेंज की कमिटी बनती है जिसमे BSE के 13 अलग अलग सेक्टर से top 30 company को चुना जाता है.

यह top 30 इनके share के लेन देन के आधार पर चुनी जाती है, जिसमे यह देखा जाता है की एक वर्ष में इन कंपनी के शेयर को कितना ख़रीदा व् बेचा गया.

BSE की स्टॉक एक्सचेंज में हजारों कंपनी लिस्टेड है तो सेंसेक्स को चुनने की यह प्रिक्रिया इसी प्रकार चलती रहती है और कई बार सेंसेक्स से कंपनी को निकला और जोड़ा जाता है. सेंसेक्स आपको BSE स्टॉक एक्सचेंज में हो रहे फायदे और नुकसान का एक प्रारूप देती है.

सेंसेक्स के अन्दर भारत की टॉप तीस कंपनी आती है जो की हमे भारतीय बाजार में हो रही मंदी का उछाल का संकेत देती है .

Sensex Kaise Girta aur Badhta Hai?

सेंसेक्स के अन्दर भारत की top 30 कंपनी को लिस्ट किया जाता है और उनकी मदद से ही सेंसेक्स बनता है .

सेंसेक्स का गिरना और बढ़ना यह दोनों इन 30 प्रमुख कंपनियों पर निर्भर करता है. सेंसेक्स के गिरने और बढ़ने की गिनती सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनी के शेयर की कीमत गिरने और बढ़ने पर होती है.

सेंसेक्स के गिरने और बढ़ने का अनुमान इन 30 कंपनी के शेयर की कीमत के गिरने और बढ़ने से लगाया जाता है जिसमे सभी कंपनी के शेयर की price को उनकी स्टार्ट प्राइस से तुलना करके देखा जाता है. अगर कंपनी के शेयर की प्राइस घटी है तो कहा जाता है की सेंसेक्स में गिरावट आ गई .

अगर कंपनी के शेयर की प्राइस बढ़ी है तो कहा जाता है की सेंसेक्स में उछाल आया है. इस तरह सेंसेक्स की गिरावट और उछाल का अनुमान लगाया जाता है .

Sensex Kaise Kaam Karta Hai?

सेंसेक्स का काम होता है की BSE (Bombay Stock Exchange) के अन्दर 13 अलग अलग सेक्टर की प्रमुख 30 कंपनी की लिस्ट बनाना .

इस लिस्ट में प्रमुख 30 कंपनी के शेयर की प्राइस का आंकलन किया जाता है की किसकी प्राइस घटी और किसकी प्राइस बढ़ी.

सेंसेक्स की इस 30 प्रमुख कंपनी की लिस्ट में कंपनी जोड़ी और अलग की जाती रहती है क्योंकी इस लिस्ट में सिर्फ प्रमुख 30 कंपनी को शामिल किया जाता है .

जिसमे देखा जाता है की 1 वर्ष में किसी कंपनी के शेयर को कितना बेचा व् कितना खरीदा गया. इसी के आधार पर 30 प्रमुख कंपनी को शामिल किया जाता है और फिर उनके शेयर की प्राइस की गिनती करके यह तय किया जाता है की सेंसेक्स बढ़ा या घटा .

Sensex Kaise Calculate Hota Hai?

सेंसेक्स का कैलकुलेशन हमेशा उसकी प्रमुख 30 कंपनी के ऊपर निभर करता है. यहाँ सेंसेक्स की कैलकुलेशन उनकी कंपनी की ओपनिंग प्राइस से उसकी क्लोसेंग प्राइस को देख कर सेंसेक्स की कैलकुलेशन की जाती है.

सेंसेक्स आपको BSE की पूरी एक्सचेंज में हो रहे उतर चड़ाव एवं स्टॉक एक्सचेंज में हो रहे बदलाब को दर्शा देती है .

Sensex Ke Fayde

सेंसेक्स के सबसे बड़ा फायदा यह है की इसमें देश की प्रमुख 30 कंपनी शामिल होती है. तो अगर सेंसेक्स में बढोती दिखाई देती है तो भारतीय कंपनी का भी विकाश होता है .

इससे देश विदेश के लोग उस कंपनी में निवेश करते है और इससे कंपनी अपने आप को और बढाती है.

जिससे नौकरी और रोजगार में भी बढ़ोतरी होती है एवं कंपनी का उत्पादन बढ़ता है. जब भारत की कंपनी में विदेश का निवेश बढ़ता है तो चोजों की कीमत काम होती है क्योंकी निवेश से रूपये विदेशी मुद्रा से मजबूत होता है .

सेंसेक्स में सिर्फ 30 कंपनी होती है तो इसका आकलन बहुत ही आसन होता है निफ्टी के मुकाबले में .

Difference Between Sensex and Nifty in Hindi
  • सेंसेक्स की शुरुआत 1986 में हुई लेकिन निफ्टी की शुरआत 1994 में हुई
  • सेसेक्स BSE (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) का सूचकांक है लेकिन निफ्टी NSE (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) का सूचकांक है .
  • निफ्टी में 50 प्रमुख कम्पनी लिस्ट होती है लेकिन सेंसेक्स में सिर्फ 30 प्रमुख कंपनी को लिस्ट किया जाता है
  • सेंसेक्स का बसे वैल्यू 100 है
  • निफ्टी का बसे वैल्यू 1000 है .

सेंसेक्स की यह मत्पूर्ण जानकारी आपको अच्छी लगी तो अपने मित्रों के साथ शेयर करे .

सेंसेक्स क्या है? What Is Sensex Meaning In Hindi

सेंसेक्स क्या है (Sensex Kya Hai): सेंसेक्स बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड 30 सबसे क्वालिटी कंपनियों का समूह है Sensex का Full Form Sensitive Index है इसे S&P BSE SENSEX भी कहते है। सेंसेक्स BSE का प्रमुख Indices (सूचकांक) है Sensex की स्थिति देखकर BSE पर लिस्टेड सभी शेयर्स की दिशा निर्धारित की जा सकती है।

सेंसेक्स क्या है? What Is Sensex Meaning In Hindi


BSE पर 5000 से भी ज्यादा कंपनिया लिस्टेड है ऐसे में रोज़ सभी कंपनियों का एनालिसिस नहीं किया जा सकता है, इसलिए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड 30 सबसे बड़ी कंपनियों को मिलाकर कंपनियों का एक ग्रुप बनाया जाता है और ये 30 कंपनिया अलग – अलग सेक्टर का प्रतिनिधित्व करती है। इन 30 कंपनियों की चाल पर ही BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों की चाल निर्भर करती है।

अगर Sensex दिन के अंत में हरे निशान पर बंद होता है तो यह शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? मान लिया जाता है की BSE की सभी कंपनिया मार्किट को लेकर पॉजिटिव है और अगर Sensex लाल निशान पर बंद होता है तो यह मान लिया जाता है की BSE की सभी कम्पनिया मार्किट को लेकर नेगेटिव है। सिर्फ सेंसेक्स को देखकर यह बताया जा सकता है की मार्किट ऊपर है या नीचे है।

सेंसेक्स BSE का प्रमुख सूचकांक है


सेंसेक्स BSE (Bombay Stock Exchange) का सवेंदी सूचकांक है। सेंसेक्स की शुरुआत 1978 में हुई थी। सेंसेक्स का आधार वर्ष 1978 – 1979 है और आधार अंक 100 है। आसान भाषा में 1979 में सेंसेक्स की वैल्यू 100 थी जो की आज बढ़कर 35000 हो चुकी है। अगर किसी ने 1979 में 100 रुपये सेंसेक्स में निवेश किये होते तो आज वह बढ़कर 35000 रुपये से भी ज्यादा हो गये होते।

किसी भी स्टॉक एक्सचेंज पर हज़ारो कंपनिया लिस्ट होती है और कोई भी व्यक्ति या संस्था रोजाना शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? हज़ारों कंपनियों को ट्रैक नहीं कर सकता है इसलिए उन हज़ारो कंपनियों को छोटे-छोटे ग्रुप में बाँट दिया जाता है इन कंपनियों को जिन्हें छोटे-छोटे ग्रुप्स में बांटा जाता है इन्हीं को ही Indices या Index कहते है।

Indices के कुछ Example इस प्रकार है जैसे Sensex में BSE की 30 सबसे क्वालिटी कंपनी का ग्रुप होता है। ठीक वैसे ही S&P BSE – 100 में 100 सबसे क्वालिटी कंपनी, S&P BSE 500 में 500 सबसे क्वालिटी कंपनी है। BSE के अंदर लगभग 5000 कंपनिया लिस्टेड है और इन सभी कंपनियों को 50 से भी ज्यादा Indices या Stock Market Index में बांटा गया है।(सेंसेक्स क्या है? What Is Sensex Meaning In Hindi)

इसे भी पढ़े: स्टॉक एक्सचेंज क्या है – Stock Exchange In Hindi

सेंसेक्स कैसे बनता है

Sensex 30 के लिए भी स्टॉक का चयन एक कमेटी करती है और ये कमेटी BSE बनाती है। सेंसेक्स के सभी 30 स्टॉक हमेशा फिक्स नहीं होते है बल्कि समय – समय पर बदलते रहते है। अगर किसी कंपनी के फंडामेंटल कमजोर हो जाते है तो उसे सेंसेक्स से बाहर कर दिया जाता है। और उसकी जगह पर कोई दूसरी क्वालिटी कंपनी को सेंसेक्स में शामिल कर लिया जाता है। सेंसेक्स में शामिल करने के लिए कंपनी का भारत में रजिस्टर्ड और BSE पर Actively Traded होना चाहिए। कंपनी का Past Track Record अच्छा होना चाहिए। कंपनी में High Liquidity होनी चाहिए।(सेंसेक्स क्या होता है What Is Sensex In Hindi)

इसे भी पढ़े: म्यूच्यूअल फंड क्या होता है – Mutual Fund In Hindi

सेंसेक्स के फायदे

स्टॉक मार्किट बहुत ही वोलेटाइल है सेंसेक्स के माध्यम से BSE पर लिस्टेड सभी शेयर की परफॉरमेंस के बारे में एक नजर में पता चल जाता हैं।

सेंसेक्स के जरिये देश की अर्थव्यस्था और शेयर बाजार में होने वाली तेजी और मंदी की सुचना आसानी से मिल जाती है जिससे बाजार में नया निवेश कब करना है और पुराना निवेश कब निकालना है उसके बारे निर्णय लिया जा सकता है।

सेंसेक्स के लगातार बढ़ते रहने से देश की अर्थव्यस्था मजबूत होती है। जिससे विदेशी निवेशक भी भारतीय शेयर बाजार में निवेश करते है। और कंपनिया शेयर बाजार से ज्यादा पूंजी इक्कठी कर सकती है और उस पूंजी से अपने व्यापार को बढ़ा सकती है।(सेंसेक्स क्या है – Sensex Kya Hota Hai)

इसे भी पढ़े: इन्वेस्टमेंट / निवेश क्या है

सेंसेक्स और निफ़्टी में अंतर
भारत में NSE और BSE दो सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज है। स्टॉक एक्सचेंज वह जगह होती है जहाँ पर सभी कंपनिया लिस्टेड होती है, जो Buyer और Seller को मिलवाते है जिससे की वह शेयर को आपस में खरीद बेच सकें।

NSE और BSE दोनों के अपने अलग – अलग Indices (सूचकांक) है। निफ़्टी NSE का प्रमुख सूचकांक है और सेंसेक्स BSE का प्रमुख सूचकांक है। जो काम सेंसेक्स BSE के लिये करता है वही काम निफ़्टी NSE के लिये करता है, और दोनों के लिये Stocks चुनने के प्रक्रिया भी लगभग समान है। सेंसेक्स BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों की प्राइस मूवमेंट के बारे में बताता है और वही निफ़्टी NSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों की प्राइस मूवमेंट को बताता है।

इसे भी पढ़े:

आपको मेरा ये आर्टिकल सेंसेक्स क्या है? What Is Sensex Meaning In Hindi कैसा लगा जरूर कमेंट करके बताये। आपके मन मे कोई भी सवाल है तो वो भी कमेंट के जरिये बताये।

Sensex Meaning in Hindi सेंसेक्स क्या होता है

Sensex Meaning In Hindi सेंसेक्स क्या होता है और इसे कैसे गिनते हैं, इसका स्टॉक मार्किट में क्या महत्व होता है आसान हिंदी में विस्तार से जानिये. What is Sensex in Hindi and why it is important in Share Markets. सेंसेक्स इंडेक्स की जानकारी, यह क्या होता है, इसे कैसे गिनते हैं, इसमें कितने शेयर होते हैं, मुक्त फ्लोट बाजार भारित सुचकांक कौन से होते हैं। साथ ही जानेंगे कि दुनिया भर के निवेशकों की इस पर नजर क्यों रहती है और इसका असर निजी निवेश पर कैसे पड़ता है यह सब विस्तार से यहां।

Sensex Meaning In Hindi

Sensex Meaning In Hindi

Sensex Meaning in Hindi – महत्वपूर्ण सूचकांक

सेंसेक्स Sensitive Index यानि संवेदी सूचकांक का संक्षिप्त रूप है. मुम्बई स्टाक एक्सचेंज Mumbai Stock Exchange के सर्वोच्च 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक को बीएसई 30 (BSE 30) या बीएसई सेंसेक्स BSE Sensex कहते हैं। Sensex की तरह Nifty भी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक है और वहां के पचास शेयरों पर आधारित है। यहां पढ़ें सेंसेक्स और निफ्टी में अंतर क्या हैं।

30 शेयरों पर आधारित है Sensex

यदि आप शेयर बाजार की जानकारी लेना चाहते हैं तो यह जानना बहुत आवश्यक है कि सेंसेक्स क्या होता है और इसे कैसे गिना जाता है. कोशिश करूँगा कि सेंसेक्स क्या होता है, इसका मतलब क्या है और इसे कैसे गिनते हैं इसकी जानकारी आपको आसान हिंदी में दूं. यहां आपको यह बता दें कि यह 30 शेयरों की सूची समय समय पर बदलती रहती है तथा मुम्बई शेयर बाजार आवश्यक्ता के अनुसार इस सूची में बदलाव करता रहता है मगर सूचकांक में कुल शेयरों की संख्या तीस ही रहती है।

Sensex Meaning in Hindi

एस एंड पी बीएसई सेंसेक्स (एस एंड पी बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक), मुम्बई शेयर बाजार में सूचीबद्ध 30 स्थापित और आर्थिक रूप से मजबूत कंपनियों के एक मुक्त फ्लोट बाजार भारित शेयर बाजार सूचकांक (free-float market-weighted stock market index) है। BSE में से सबसे बड़े और सबसे सक्रिय रूप से कारोबार करने वाले शेयरों में से ऐसी 30 कंपनियों को लिया जाता है जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं। तीस शेयरों के इसी इंडेक्स को सेंसेक्स कहते हैं.

1 जनवरी 1986 के बाद से प्रकाशित, BSE Sensex भारत में घरेलू शेयर बाजारों की नाड़ी के रूप में माना जाता है। एस एंड पी बीएसई सेंसेक्स का आधार मूल्य 1 अप्रैल 1979 के दिन से 100 के रूप में लिया और 1978-1979 इसका आधार वर्ष है।

Sensex Meaning in Hindi – कैसे गिनते हैं

जैसे कि Sensex in Hindi में मैनें बताया कि सेंसेक्स free-float market-weighted stock market index है. फ्री फ्लोट का आसान हिंदी में अर्थ होगा तैरने के लिए आजाद. किसी भी कंपनी के बाजार पूंजीकरण Market Capitalization का वह हिस्सा जो बिकने के लिए बाजार में उपलब्ध हो सकता है वह फ्री फ्लोट बाजार पूँजी होगी और उसी के आधार पर सेंसेक्स की गणना की जाती है. आम तौर पर प्रमोटरों का हिस्सा अथवा सरकार का हिस्सा पूँजी में से निकाल दें तो बाकी बची पूँजी बाजार में बिकने के लिए उपलब्ध हो सकती है.

Market Capitalization अथवा बाजार पूंजीकरण

इसे Market Cap या बाजार पूँजी भी कह सकते हैं. इसे कंपनी द्वारा कुल जारी शेयरों की संख्या को प्रति शेयर बाजार भाव से गुना करके प्राप्त किया जा सकता है. यदि एक कंपनी ने दस दस रुपये कीमत के एक लाख शेयर जारी किये हैं तो कंपनी की पूँजी हुई दस लाख रुपये. अब यदि इस कंपनी के एक शेयर की बाजार में कीमत साठ रु है तो कंपनी की Market Cap या बाजार पूँजी साठ लाख होगी.

बाजार पूँजी = कुल बकाया शेयर X प्रति शेयर बाजार भाव

1,00,000 X रु 60 = रु 60,00,000

अब यदि इस कंपनी में प्रमोटरों का हिस्सा 40 % है और पब्लिक का हिस्सा 60% है तो इस कंपनी में फ्री फ्लोट फैक्टर होगा 0.6 . यानि इंडेक्स की गणना के लिए इस कंपनी के बाजार पूँजी का 60% हिस्से का ही असर माना जाएगा.

इस प्रकार से पूरे इंडेक्स का free float market capitalization निकाला जाता है और उसे इंडेक्स विभाजक (index divisor) से विभाजित कर दिया जाता है. यह इंडेक्स विभाजक 1978-1979 के आधार वर्ष की बाजार पूँजी में हुई बढ़त पर आधारित होता है.

मान लीजिये आधार वर्ष में बाजार पूँजी थी 50000 और जिस दिन का इंडेक्स गिनना है उस दिन की बाजार पूँजी है 12000000 है तो इंडेक्स विभाजक होगा 100/50000 और इंडेक्स की गणना होगी 12000000 x 100/50000 = 24000.

दुनिया भर के निवेशकों की नज़र में Sensex

आज जबकि मुंबई स्टॉक एक्स्चेंज और नैशनल स्टॉक एक्स्चेंज की गिनती दुनिया के बड़े शेयर बाज़ारों में होती है तो इनके सूचकांक पर भी दुनिया भर के निवेशकों की नज़र रहती है। जबकि दुनिया भर की अर्थ व्यवस्थाएँ एक दूसरे पर व्यापक असर करतीं हैं इसीलिए दुनिया भर के निवेशक भी सभी बड़ी अर्थ व्यवस्थाओं पर निरंतर नज़र रखते हैं। हमारे देश में भी बड़ी मात्रा में विदेशी निवेश बाज़ारों में आता है।

निजी निवेश पर Sensex का असर

अब यदि आप ने भी बाज़ार में निवेश किया है और आपके पास अपना एक पोर्टफोलियो है तो आप बाजार पर निरंतर नज़र तो रखते ही होंगे। अब यदि आपके शेयरों की क़ीमत इंडेक्स के अनुपात में अधिक बढ़ी है तो आप जान जाएँगे कि आपके निवेश का प्रदर्शन अच्छा है। इसी प्रकार यदि आपके शेयरों की क़ीमत बाजार के इंडेक्स के अनुपात में कम बढ़ी है तो इसका मतलब आपके निवेश का प्रदर्शन बाजार के अनुपात में कम है। यदि आपका निवेश आपको Sensex के अनुपात में कम रिटर्न दे रहा है तो बेहतर है आप निवेश के लिए स्वयं शेयरों का चुनाव ना करके इंडेक्स में शामिल शेयरों में उनके अनुभार के अनुसार निवेश कर दें।

अन्य इंडेक्स

बाज़ार में मुख्य इंडेक्स Sensex के अलावा स्मॉल कैप इंडेक्स और मिड कैप इंडेक्स भी होते हैं जो कि अपनी श्रेणी के शेयरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा सेक्टर इंडेक्स जैसे फ़ार्मा इंडेक्स या बैंकिंग इंडेक्स भी होते हैं जो कि अपने उद्योग में काम करने वाली कम्पनियों के शेयरों की गति शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? का प्रतिनिधित्व करते हैं।

यह मेरी कोशिश थी Sensex Meaning In Hindi समझाने की. उम्मीद है कि आपको समझ आ गया होगा कि सेंसेक्स क्या होता है और इसे कैसे गिनते हैं. यदि आपको Sensex के बारे में कुछ जानकारी होगी तो शेयर बाजार के काम को समझने में आसानी होगी.

सेंसेक्स, निफ़्टी और बिटक्वाइन क्या है

हम अक्सर समाचार पत्रों, टीवी न्यूज़, यहाँ तक कि लोगो को आपस में शेयर बाजार से सम्बंधित सेंसेक्स और निफ्टी आदि के बारें में चर्चा करते हुए सुनते और देखते है | दरअसल शेयर मार्केट एक ऐसा बाजार है, जहाँ पर दुनियाभर के लोग बहुत ही कम समय में लाभ कमानें के उद्देश्य से पैसा लगाते है | यदि हम भारतीय शेयर मार्केट की बात करे, तो यहाँ सबसे पहले सेंसेक्स और निफ्टी का नाम लिया जाता है |

ऐसे में स्वाभाविक है, कि सेंसेक्स और निफ्टी को लेकर आपके मन में अनेक प्रकार के प्रश्न उठ रहे होगे | सेंसेक्स (Sensex), निफ़्टी (Nifty) और बिटक्वाइन (Bitcoin) क्या है ? इसके प्रयोग और कीमत के बारें में आज हम इस बात को लेकर चर्चा करेंगे |

भारतीय शेयर बाजार से सम्बंधित जानकारी (Information Related To Indian Share Market)

Table of Contents

सेंसेक्स और निफ्टी के बारें में चर्चा करनें से पहले आपके लिए बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) के बारें में जानना आवश्यक है | आपको बता दें, कि बीएसई एशिया का सबसे पुराना शेयर बाजार है, जिसकी स्थापना वर्ष 1875 में हुई थी | बीएसई को पहले बंबई स्टॉक एक्सचेंज के नाम से जाना शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? जाता था | वर्तमान में इसका कार्यालय मुंबई के दलाल स्ट्रीट में स्थित है |

यदि हम एनएसई (NSE) की बात करे तो इसका पूरा नाम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (National Stock Exchange) है | एनएसई की स्थापना वर्ष 1972 में हुई थी | हालाँकि बीएसई सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है, परन्तु प्रतिदिन बड़ी संख्या में ट्रेड और टर्नओवर अधिक होनें के कारण वर्तमान समय में एनएसई की इम्पोर्टेंस काफी अधिक हो गयी है |

सेंसेक्स क्या है (What Is Sensex)

जैसा की हम जानते है, कि बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) स्टॉक एक्सचेंज हैं, जबकि सेंसेक्स और निफ्टी इसके प्रमुख संकेतक हैं | सेंसेक्स सेंसिटिव और इंडेक्स से लिया गया है और यह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सूचकांक है | सेंसेक्स में 30 कंपनियां शामिल हैं, और इन्हें कंपनी की तरलता, बाजार पूंजीकरण, राजस्व और विविधीकरण के आधार पर चुना जाता है |

इसके अलावा, सेंसेक्स पर एक कंपनी के लिए बीएसई में सूचीबद्ध होना आवश्यक होता है।यह भारत के सबसे पुराने सूचकांकों में से एक है, और लोग इसे मार्केट के प्रदर्शन और भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रतिबिंब का एक उपाय मानते हैं | इसका उपयोग भारतीय अर्थव्यवस्था और उद्योग में वृद्धि और विकास को मापने और शेयर बाजार की प्रवृत्ति को समझने के लिए एक बेंचमार्क के रूप में किया जाता है |

सेंसेक्स 30 सबसे बड़ी कंपनियों के शेयरों पर आधारित सूचकांक होता है | सूचकांक का मूल्य अंतर्निहित प्रतिभूतियों के मूल्य पर निर्भर करता है | अधिकांश प्रतिभूतियों की कीमत में वृद्धि के कारण सेंसेक्स के मूल्य में वृद्धि होती है जबकि अधिकांश अंतर्निहित प्रतिभूतियों की कीमत में गिरावट के कारण सूचकांक के मूल्य में कमी होती है |

निफ्टी क्या है (What Is Nifty)

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज फिफ्टी (निफ्टी) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का शेयर बाजार सूचकांक है | इसे NIFTY 50 और CNX Nifty के रूप में भी जाना जाता है| इसमें 50 स्टॉक शामिल हैं, जो NSE पर सक्रिय रूप से कारोबार करते हैं, और इसका स्वामित्व और प्रबंधन NSE की सहायक कंपनी India Index Services and Products Ltd. (IISL) द्वारा किया जाता है |

निफ्टी 50 में शीर्ष 50 स्टॉक 12 विभिन्न क्षेत्रों से हैं | इनमें से कुछ में सूचना प्रौद्योगिकी, उपभोक्ता सामान, वित्तीय सेवाएं, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार आदि शामिल हैं। इसके अलावा, सूचकांक का आधार मूल्य 1000 है, और यह मुक्त-फ्लोट बाजार पूंजीकरण भारित विधि का उपयोग करके गणना की जाती है |

बिटक्वाइन क्या है (What Is Bitcoin)

दरअसल बिटक्वाइन एक वर्चुअल अर्थात आभासी मुद्रा है | यह एक प्रकार की डिजिटल करेंसी है | जिसका कोई भौतिक स्वरुप नहीं है अर्थात बिटक्वाइन को न ही आप छू सकते है और न ही देख सकते है | बिटकॉइन को वर्ष 2008 में सातोशी नकामोति ने बनाया था | हालाँकि सातोशी नकामोति कोई व्यक्ति है या संस्था है, इसकी कोई जानकारी नहीं है | इस क्रिप्टोकरेंसी को सबसे पहले वर्ष 2009 में ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के रूप में जारी किया गया था |

इस मुद्रा पर किसी भी बैंक या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है, हालाँकि भारतीय रिज़र्व बैंक नें इसे मान्यता नहीं दी है, परन्तु उच्च न्यायालय नें वर्चुअल करेंसी के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में लेन देन की स्वीकृति दे दी है | यदि किसी के पास बिटक्वाइन है, तो वह आम करेंसी की भांति सामान की खरीद-फरोख्त कर सकता है |

बिटक्वाइन कैसे बनता है (How DoesBitcoin Become)

बिटक्वाइन एक डिजिटल करेंसी है, जिसकी शुरुआत सतोशी नाकामोतो द्वारा की गयी थी | आपको बता दें, कि बिटक्वाइन की सबसे छोटी इकाई (Unit) सतोशी है | 1 बिटक्वाइन 10,00,00,000 करोड़ (सतोशी) होता है | जिस प्रकार भारतीय मुद्रा के 1 रुपये में 100 पैसे होते है, ठीक उसी प्रकार 10 करोड़ सतोशी से मिलकर 1 बिटक्वाइन बनता है |

बिटक्वाइन का लेन-देन डिजिटल वॉलेट (Digital wallet) के माध्यम से किया जाता है | इस वर्चुअल करेंसी पर पूरी तरह से डिजिटली कंट्रोल होता है | दुनियाभर में एक समय में बिटक्वाइन की कीमत एकसमान होती है, हालाँकि गतिविधियों के अनुसार इसकी कीमते घटती, बढ़ती रहती है और इसका कोई निर्धारित मूल्य नहीं होता है |

Sensex Meaning in Hindi सेंसेक्स क्या होता है

Sensex Meaning In Hindi सेंसेक्स क्या होता है और इसे कैसे गिनते हैं, इसका स्टॉक मार्किट में क्या महत्व होता है आसान हिंदी में विस्तार से जानिये. What is Sensex in Hindi and why it is important in Share Markets. सेंसेक्स इंडेक्स की जानकारी, यह क्या होता है, इसे कैसे गिनते हैं, इसमें कितने शेयर होते हैं, मुक्त फ्लोट बाजार भारित सुचकांक कौन से होते हैं। साथ ही जानेंगे कि दुनिया भर के निवेशकों की इस पर नजर क्यों रहती है और इसका असर निजी निवेश पर कैसे पड़ता है यह सब विस्तार से यहां।

Sensex Meaning In Hindi

Sensex Meaning In Hindi

Sensex Meaning in Hindi – महत्वपूर्ण सूचकांक

सेंसेक्स Sensitive Index यानि संवेदी सूचकांक का संक्षिप्त रूप है. मुम्बई स्टाक एक्सचेंज Mumbai Stock Exchange के सर्वोच्च 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक को बीएसई 30 (BSE 30) या बीएसई सेंसेक्स BSE Sensex कहते हैं। Sensex की तरह Nifty भी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक है और वहां के पचास शेयरों पर आधारित है। यहां पढ़ें सेंसेक्स और निफ्टी में अंतर क्या हैं।

30 शेयरों पर आधारित है Sensex

यदि आप शेयर बाजार की जानकारी लेना चाहते हैं तो यह जानना बहुत आवश्यक है कि सेंसेक्स क्या होता है और इसे कैसे गिना जाता है. कोशिश करूँगा कि सेंसेक्स क्या होता है, इसका मतलब क्या है और इसे कैसे गिनते हैं इसकी जानकारी आपको आसान हिंदी में दूं. यहां आपको यह बता दें कि यह 30 शेयरों की सूची समय समय पर बदलती रहती है तथा मुम्बई शेयर बाजार आवश्यक्ता के अनुसार इस सूची में बदलाव करता रहता है मगर सूचकांक में कुल शेयरों की संख्या तीस ही रहती है।

Sensex Meaning in Hindi

एस एंड पी बीएसई सेंसेक्स (एस एंड पी बंबई स्टॉक एक्सचेंज का संवेदी सूचकांक), मुम्बई शेयर बाजार में सूचीबद्ध 30 स्थापित और आर्थिक रूप से मजबूत कंपनियों के एक मुक्त फ्लोट बाजार भारित शेयर बाजार सूचकांक (free-float market-weighted stock market index) है। BSE में से सबसे बड़े और सबसे सक्रिय रूप से कारोबार करने वाले शेयरों में से ऐसी 30 कंपनियों को लिया जाता है जो कि भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करती हैं। तीस शेयरों के इसी इंडेक्स को सेंसेक्स कहते हैं.

1 जनवरी 1986 के बाद से प्रकाशित, BSE Sensex भारत में घरेलू शेयर बाजारों की नाड़ी के रूप में माना जाता है। एस एंड पी बीएसई सेंसेक्स का आधार मूल्य 1 अप्रैल 1979 के दिन से 100 के रूप में लिया और 1978-1979 इसका आधार वर्ष है।

Sensex Meaning in Hindi – कैसे गिनते हैं

जैसे कि Sensex in Hindi में मैनें बताया कि सेंसेक्स free-float market-weighted stock market index है. फ्री फ्लोट का आसान हिंदी में अर्थ होगा तैरने के लिए आजाद. किसी भी कंपनी के बाजार पूंजीकरण Market Capitalization का वह हिस्सा जो बिकने के लिए बाजार में उपलब्ध हो सकता है वह फ्री फ्लोट बाजार पूँजी होगी और उसी के आधार पर सेंसेक्स की गणना की जाती है. आम तौर पर प्रमोटरों का हिस्सा अथवा सरकार का हिस्सा पूँजी में से निकाल दें तो बाकी बची पूँजी बाजार में बिकने के लिए उपलब्ध हो सकती है.

Market Capitalization अथवा बाजार पूंजीकरण

इसे Market Cap या बाजार पूँजी भी कह सकते हैं. इसे कंपनी द्वारा कुल जारी शेयरों की संख्या को प्रति शेयर बाजार भाव से गुना करके प्राप्त किया जा सकता है. यदि एक कंपनी ने दस दस रुपये कीमत के एक लाख शेयर जारी किये हैं तो कंपनी की पूँजी हुई दस लाख रुपये. अब यदि इस कंपनी के एक शेयर की बाजार में कीमत साठ रु है तो कंपनी की Market Cap या बाजार पूँजी साठ लाख होगी.

बाजार पूँजी = कुल बकाया शेयर X प्रति शेयर बाजार भाव

1,00,000 X रु 60 = रु 60,00,000

अब यदि इस कंपनी में प्रमोटरों का हिस्सा 40 % है और पब्लिक का हिस्सा 60% है तो इस कंपनी में फ्री फ्लोट फैक्टर होगा 0.6 . यानि इंडेक्स की गणना शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? के लिए इस कंपनी के बाजार पूँजी का 60% हिस्से का ही असर माना जाएगा.

इस प्रकार से पूरे इंडेक्स का free float market capitalization निकाला जाता है और उसे इंडेक्स विभाजक (index divisor) से विभाजित कर दिया जाता है. यह इंडेक्स विभाजक 1978-1979 के आधार वर्ष की बाजार पूँजी में हुई बढ़त पर आधारित होता है.

मान लीजिये आधार वर्ष में बाजार पूँजी थी 50000 और जिस दिन का इंडेक्स गिनना है उस दिन की बाजार पूँजी है 12000000 है तो इंडेक्स विभाजक होगा 100/50000 और इंडेक्स की गणना होगी 12000000 x 100/50000 = 24000.

दुनिया भर के निवेशकों की नज़र में Sensex

आज जबकि मुंबई स्टॉक एक्स्चेंज और नैशनल स्टॉक एक्स्चेंज की गिनती दुनिया के बड़े शेयर बाज़ारों में होती है तो इनके सूचकांक पर भी दुनिया भर के निवेशकों की नज़र रहती है। जबकि दुनिया भर की अर्थ व्यवस्थाएँ एक दूसरे पर व्यापक असर करतीं हैं इसीलिए दुनिया भर के निवेशक भी सभी बड़ी अर्थ व्यवस्थाओं पर निरंतर नज़र रखते हैं। हमारे देश में भी बड़ी मात्रा में विदेशी निवेश बाज़ारों में आता है।

निजी निवेश पर Sensex का असर

अब यदि आप ने भी बाज़ार में निवेश किया है और आपके पास अपना एक पोर्टफोलियो है तो आप बाजार पर निरंतर नज़र तो रखते ही होंगे। अब यदि आपके शेयरों की क़ीमत इंडेक्स के अनुपात में अधिक बढ़ी है तो आप जान जाएँगे कि आपके निवेश का प्रदर्शन अच्छा है। इसी प्रकार यदि आपके शेयरों की क़ीमत बाजार के इंडेक्स के अनुपात में कम बढ़ी है तो इसका मतलब आपके निवेश का प्रदर्शन बाजार के अनुपात में कम है। यदि आपका निवेश आपको Sensex के अनुपात में कम रिटर्न दे रहा है तो बेहतर है आप निवेश के लिए स्वयं शेयरों का चुनाव ना करके इंडेक्स में शामिल शेयरों में उनके अनुभार के अनुसार निवेश कर दें।

अन्य इंडेक्स

बाज़ार में शेयर मार्केट में सेंसेक्स क्या होता है? मुख्य इंडेक्स Sensex के अलावा स्मॉल कैप इंडेक्स और मिड कैप इंडेक्स भी होते हैं जो कि अपनी श्रेणी के शेयरों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा सेक्टर इंडेक्स जैसे फ़ार्मा इंडेक्स या बैंकिंग इंडेक्स भी होते हैं जो कि अपने उद्योग में काम करने वाली कम्पनियों के शेयरों की गति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

यह मेरी कोशिश थी Sensex Meaning In Hindi समझाने की. उम्मीद है कि आपको समझ आ गया होगा कि सेंसेक्स क्या होता है और इसे कैसे गिनते हैं. यदि आपको Sensex के बारे में कुछ जानकारी होगी तो शेयर बाजार के काम को समझने में आसानी होगी.

रेटिंग: 4.62
अधिकतम अंक: 5
न्यूनतम अंक: 1
मतदाताओं की संख्या: 265
उत्तर छोड़ दें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा| अपेक्षित स्थानों को रेखांकित कर दिया गया है *