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अनुबंध मात्रा

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प्रतापगढ़ की ग्राम पंचायतों में आयुष्मान कार्ड बनाने का जिम्मा पंचायत सहायकों को दिया गया है।

SSC 2022: उम्मीदवारों के लिए अपडेट, इस परीक्षा की Answer Key जारी, 26 नवंबर से पहले दर्ज कराएं आपत्ति

उम्मीदवार जूनियर इंजीनियर सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और मात्रा सर्वेक्षण और अनुबंध आदि पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा (पेपर- 1)- 2022 की अंतरिम उत्तर कुंजी आधिकारिक वेबसाइट ssc.nic से डाउनलोड कर सकते हैं।

SSC JE EXAM 2022

Staff Selection Commission : स्टाफ सेलेक्शन कमीशन के उम्मीदवारों के लिए ताजा अपडेट है। आयोग ने एसएससी जेई परीक्षा 2022 (SSC JE Answer Key 2022) की आंसर-की जारी कर दी है। उम्मीदवार जूनियर इंजीनियर सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और मात्रा सर्वेक्षण और अनुबंध आदि पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा (पेपर- 1)- 2022 की अंतरिम उत्तर कुंजी आधिकारिक वेबसाइट ssc.nic से डाउनलोड कर सकते हैं।

डीएम ने की बड़ी कार्रवाई, जिले के चार अनुबंध मात्रा उचित दर विक्रेता की दुकानों को किया निरस्त, एक पर दर्ज कराई गई प्राथमिकी

गोंडा जिलाधिकारी ने खाद्यान्न वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वाले चार कोटेदारों के प्रतिभूति की धनराशि जब्त करते हुए दुकान का अनुबंध पत्र लाइसेंस निरस्त कर दिए है। इससे कोटेदारों के बीच हड़कंप मच गया है। प्रशासन के लाखों प्रयासों के बावजूद भी अधिकांश कोटेदार हेराफेरी करने से नहीं चूक रहे हैं।

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जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव ने बताया है कि जनपद के अलग-अलग क्षेत्रों के 04 उचित दर विक्रेता के दुकानों अनुबंध मात्रा को निरस्त किया गया है। जिसका विवरण इस प्रकार दिलीप कुमार दुबे उचित दर विक्रेता ग्राम पंचायत विशुनपुर तिवारी, विकास का इटियाथोक के स्टाक में गेहूं 82.85 कुंतल व चावल 45. 41कुंतल व एक लीटर खाद्य तेल 204 पैकेट इसके साथ ही चना 202 पैकेट (प्रत्येक पैकेट 01 किलो.ग्राम एवं नमक 136 पैकेट प्रत्येक पैकेट 1 किलोग्राम कम पाये जाने के दृष्टिगत उचित दर विक्रेता पर प्रथम सूचना रिपोर्ट अंकित कराते हुए समस्त प्रतिभूति की धनराशि जब्त करते हुए उचित दर दुकान का अनुबंध पत्र निरस्त कर दिया गया है। इसके साथ ही कृष्ण तिवारी, उचित दर विक्रेता, ग्राम पंचायत काजीदेवर विकासखंड झंझरी द्वारा आवश्यक वस्तुओं का वितरण निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में किये जाने के फलस्वरुप समस्त प्रतिभूति की धनराशि जब्त करते हुए उचित दर दुकान का अनुबंध पत्र निरस्त कर दिया गया है तथा धनीराम, उचित दर विक्रेता, ग्राम पंचायत भैरमपुर विकासखंड रुपईडीह द्वारा आवश्यक वस्तुओं का वितरण निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में किये जाने के फलस्वरुप समस्त प्रतिभूति की धनराशि जब्त करते हुए उचित दर दुकान का अनुबंध पत्र निरस्त कर दिया गया है, एवं गौरी लाल, उचित दर विक्रेता ग्राम पंचायत बैरीपुर रामनाथ, विकासखंड मनकापुर द्वारा आवश्यक वस्तुओं का वितरण निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में किये जाने के फलस्वरुप समस्त प्रतिभूति की धनराशि जब्त करते हुए उचित दर दुकान का अनुबंध पत्र निरस्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कोटेदारों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

MSP को न्यूनतम मूल्य में बदलने और अनुबंध खेती निकाय गठित करने से खत्म हो सकता है किसानों का प्रदर्शन: SBI रिसर्च

Edited by: India TV Paisa Desk
Published on: December 22, 2020 8:36 IST

Convert MSP into floor price, set up contract farming body to resolve new farm laws impasse- India TV Hindi

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Convert MSP into floor price, set up contract farming body to resolve new farm laws impasse

नई दिल्‍ली। राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) पोर्टल पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था को नीलामी के लिए न्यूनतम मूल्य में बदलने और अनुबंध खेती संस्थान सृजित करने से तीन नए कृषि कानूनों को लेकर जारी मौजूदा गतिरोध दूर हो सकता है। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में यह कह गया है। किसान तीनों नए कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं। अनुबंध मात्रा रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि किसान कीमत गारंटी के रूप में एमएसपी की मांग कर रहे हैं। इसकी जगह सरकार न्यूनतम पांच साल के लिए मात्रा गारंटी उपबंध जोड़ सकती है। इसके तहत सूखा और बाढ़ जैसी अपवाद वाली स्थिति में सुरक्षा उपाय करते हुए प्रतिशत के रूप में फसल उत्पादन का एक हिस्सा खरीदने की गारंटी दी जा सकती है, जो कम-से-कम पिछले साल के प्रतिशत के बराबर हो।

समस्‍या का नहीं होगा पूरी तरह समाधान

हालांकि, रिपोर्ट में स्वीकार किया गया है कि ई-नाम पोर्टल पर नीलामी में एमएसपी को न्यूनतम मूल्य में तब्दील करने से समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं होगा क्योंकि मौजूदा आंकड़ा बताता है कि ई-नाम मंडियों में उड़द को छोड़कर सभी जिंसों के मामले में औसत मॉडल कीमत न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम है। तीसरा सुझाव एपीएमसी बाजार के बुनियादी ढांचा को मजबूत बनाने को लेकर है। सरकारी आंकड़े के अनुसार अनाज के लिए मौद्रिक नुकसान करीब 27,000 करोड़ रुपये है। इसका कारण फसल कटाई और उसके बाद होने वाला सालाना नुकसान है। तिलहन और दलहन के मामले में यह क्रमश: 10,000 करोड़ रुपये और 5,000 करोड़ रुपये है।

रिपोर्ट में अनुबंध खेती संस्थान के गठन का सुझाव दिया गया है, जिसका मुख्य काम व्यवस्था के तहत सामने आई कीमतों पर नजर रखना होगा। इसमें कहा गया है कि ठेका खेती कई देशों में बड़े पैमाने पर जारी है क्योंकि यह उत्पादकों को बाजार और कीमत स्थिरता के साथ आपूर्ति श्रृंखला तक पहुंच उपलब्ध कराती है। उदाहरण के लिए थाईलैंड में यह 1990 के दशक से जारी है। इससे किसानों को बाजार को लेकर 52 प्रतिशत और कीमत के मामले में 46 प्रतिशत तक स्थिरता मिलती है। इसको देखते हुए किसान ठेका खेती की ओर आकर्षित होते हैं। इसी प्रकार का संस्थान भारत में बनाया जाना चाहिए। क्योंकि छोटे एवं सीमांत किसानों के पास बड़े खरीदारों से निपटने को लेकर उपाय होने चाहिए। वैश्विक स्तर पर उन देशों में ठेका खेती टिक नहीं पाई जहां बड़ी कंपनियों ने पहले छोटे उत्पादकों को आकर्षित किया लेकिन बाद में उदारता नहीं दिखाई और कड़ी शर्तें लगाई।

किसान क्रेडिट कार्ड के नियमों पर भी हो विचार

रिपोर्ट में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) नियमों पर भी विचार किए जाने पर जोर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि यह बैंकों के लिए अकुशल कृषि पोर्टफोलियो बन गया है। सरकार ने हाल ही में तीन किसान कानूनों को लागू किया, जिसका मकसद उन तरीकों में बदलाव लाना है जिससे कृषि उपज का विपणन होता है, बेचा जाता है और भंडारण किया जाता है। सरकार हर साल 23 फसलों के लिए एमएसपी घोषित करती है।

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि किसानों का आंदोलन एमसपी व्यवस्था समाप्त होने की आशंका को लेकर नहीं है बल्कि इसमें राजनीतिक हित जुड़े हैं। क्योंकि कुछ राज्य मंडी कर और शुल्क (पंजाब में 8.5 प्रतिशत से लेकर कुछ राज्यों में एक प्रतिशत से कम) के रूप में राजस्व में कमी को लेकर चिंतित हैं। पंजाब को सालाना इन शुल्कों से 3,500 करोड़ रुपये प्राप्त होते हैं।

पेट्रोल में एथनॉल की मात्रा बढ़ी, चीनी मिलों और किसानों को होगा फायदा

एथनॉल सबसे अच्छा ऑक्सीजन वाला माना जाता है. अतिरिक्त ऑक्सीजन वाहन के इंजन के भीतर पेट्रोल के अधिक कुशलता से जलने में संतुलन पैदा करने में मदद करता है.

2018- 19 में रिकॉर्ड 23.7 करोड़ लीटर एथनॉल आपूर्ति का अनुबंध किये जाने के साथ ही समाप्त वित्तवर्ष में पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण की मात्रा 7.2 प्रतिशत तक पहुंच जाने का अनुमान है.

वित्त वर्ष 2018- 19 में रिकॉर्ड 23.7 करोड़ लीटर एथनॉल आपूर्ति का अनुबंध किये जाने के साथ ही समाप्त वित्तवर्ष में पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण की मात्रा 7.2 प्रतिशत तक पहुंच जाने का अनुमान है. चीनी उद्योगों के पमुख संगठन भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) ने यह जानकारी दी है. इस्मा ने कहा कि इससे पहले विपणन वर्ष 2017-18 (दिसंबर से नवंबर) में 150 करोड़ रुपये के गन्ना रस की आपूर्ति के बीच एथनॉल सम्मिश्रण की मात्रा 4.22 प्रतिशत थी.

दागी राइस मिल फर्म से हुआ अनुबंध

दागी राइस मिल फर्म से हुआ अनुबंध

अफसरों की लापरवाही से विभाग की छवि खराब हो रही है। दागी राइस मिलर्स से धान की कुटाई का अनुबंध किए अनुबंध मात्रा जाने पर उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहा है। बीते साल धान की कुटाई करने के बाद काफी मात्रा में चावल मिल संचालक हजम कर गया था। इस बार उसको फिर से कुटाई करने की जिम्मेदारी दी गई। इससे यह साबित हो रहा है कि बिना जांच के ही मिलर्स का अनुबंध हो रहा है। हालांकि मामला प्रकाश में आने के बाद अफसरों ने उसके द्वारा कुटाई करने पर रोक लगा दिया गया है।

संवाद सूत्र, प्रतापगढ़ : अफसरों की लापरवाही से विभाग की छवि खराब हो रही है। दागी राइस मिलर्स से धान की कुटाई का अनुबंध किए जाने पर उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़ा हो रहा है। बीते साल धान की कुटाई करने के बाद काफी मात्रा में चावल मिल संचालक हजम कर गया था। इस बार उसको फिर से कुटाई करने की जिम्मेदारी दी गई। इससे यह साबित हो रहा है कि बिना जांच के ही मिलर्स का अनुबंध हो रहा है। हालांकि मामला प्रकाश में आने के बाद अफसरों ने उसके द्वारा कुटाई करने पर रोक लगा दिया गया है।

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