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बाजार का लगातार अध्ययन

बाजार का लगातार अध्ययन
Investment Tips: एक सफल निवेशक बनना है तो इस नवरात्रि महिला निवेशकों से तीन जरूरी खूबियां सीखने का एक अच्छा समय है.

कोविड टीकाकरण के साथ इन चीजों का लगातार उपयोग कोरोना से बचाने में है सहायक, अध्ययन में हुआ खुलासा

मेलबर्न। चिकित्सा अध्ययन पत्रिका ‘द बीएमजे’ में बृहस्पतिवार को प्रकाशित एक समीक्षा में कहा गया है कि बाजार का लगातार अध्ययन हाथ धोना, मास्क पहनना और सामाजिक दूरी कायम रखने जैसे कोविड-19 प्रोटोकॉल इस वायरल रोग के मामलों में कमी के लिहाज से कारगर हैं और टीकाकरण के साथ ही इनका पालन करना भी जारी रहना चाहिए। इस समीक्षा …

मेलबर्न। चिकित्सा अध्ययन पत्रिका ‘द बीएमजे’ में बृहस्पतिवार को प्रकाशित एक समीक्षा में कहा गया है कि हाथ धोना, मास्क पहनना और सामाजिक दूरी कायम रखने जैसे कोविड-19 प्रोटोकॉल इस वायरल रोग के मामलों में कमी के लिहाज से कारगर हैं और टीकाकरण के साथ ही इनका पालन करना भी जारी रहना चाहिए। इस समीक्षा में बताया गया कि मास्क पहनने से कोविड-19 के मामलों में 53 फीसदी की कमी आई और सामाजिक दूरी का पालन करने पर मामलों में 25 फीसदी की कमी आई।

विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इनसे भी कड़े उपाय, मसलन लॉकडाउन या सीमाओं, स्कूलों और कार्यस्थलों को बंद करना आदि के आम लोगों पर नकारात्मक प्रभाव की आशंकाओं के लिहाज से इनका और आकलन करना आवश्यक है।

ऑस्ट्रेलिया में मोनाश विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ताओं समेत अन्य अध्ययनकर्ताओं के एक दल ने उन अध्ययनों के डेटाबेस को खंगाला जिनमें कोविड-19, सार्स-सीओवी-2 संक्रमण और मृत्युदर की घटनाओं में कमी लाने में सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों के प्रभावी होने की जांच की गयी। इनमें कुल 72 अध्ययनों को खंगाला गया जिनमें से 35 का विस्तृत विश्लेषण किया गया।

इसमें पता चला कि मास्क पहनने से कोविड-19 की घटनाओं में 53 फीसदी तक की कमी आई और सामाजिक दूरी का नियम पालन करने से संक्रमण की घटनाओं में 25 फीसदी की कमी आई। हाथ धोने से भी रोग के मामलों में 53 फीसदी की कमी पायी गयी।

'वाहन बाजार'

बजाज आटो के प्रबंध निदेशक राजीव बजाज ने गुरुवार को कहा कि नोटबंदी का विचार सही नहीं था, ऐसे में इसके क्रियान्वयन को दोष देना सहीं नहीं है. उल्लेखनीय है कि नोटबंदी के फैसले से दोपहिया की बिक्री बुरी तरह प्रभावित हुई है.

घरेलू बाजार में यात्री वाहन बिक्री जनवरी माह में एक साल पहले के इसी माह की तुलना में 14.4 प्रतिशत बढ़कर 2,65,320 वाहन रही.

एशियाई बाजारों के मजबूत संकेतों से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स आज बाजार का लगातार अध्ययन 171 अंक की बढ़त के साथ खुला. वहीं नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी कारोबार में 8,200 अंक के स्तर को पार कर गया. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के मिनट्स से पता चलता है कि नीतिनिर्माता आगे कम कड़ा रख अख्तियार करेंगे. इससे एशियाई बाजारों में तेजी आई.

सोमालिया में एक स्थानीय सरकारी मुख्यालय के दरवाजों बाजार का लगातार अध्ययन पर एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट से लदे वाहन में विस्फोट किया. एक अन्य आत्मघाती हमलावर ने एक बाजार को निशाना बनाया, जिससे इन घटनाओं में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक अन्य घायल हो गए.

बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दर में कटौती किए जाने से वैश्विक बाजारों में मजबूती के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों में भी तेजी देखने को मिली जहां सेंसेक्स 364 अंक उछलकर 28,000 अंक से ऊपर बंद हुआ. वाहन, तेल तथा वित्तीय खंड के शेयरों ने बाजार में तेजी को बल दिया.

पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में एक बारात पार्टी को ले जा रहा वाहन अचानक आई बाढ़ में फंस गया जिससे बच्चे और महिलाओं सहित कम से कम 20 लोगों की शनिवार को मौत हो गई. खबर पख्तूनख्वा प्रांत के बारा से बाजार जाखा जा रहा वाहन टबाई इलाके में बाढ़ की चपेट में आ गया.

वैश्विक संकेतों, चालू खाते के घाटे (कैड) में कमी तथा एफएमसीजी, वाहन और रीयल्टी कंपनियों के शेयरों में लाभ से शुक्रवार को बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 100 अंक के सुधार के साथ 26,625.91 अंक पर पहुंच गया।

कुछ लोकप्रिय कार माडलों के दुर्घटना परीक्षण में फेल होने से बुधवार को वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के रुख के बीच बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 69 अंक टूट गया। इसके अलावा अमेरिका के मजबूत आर्थिक आंकड़ों से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना भी बढ़ी है जिससे धारणा प्रभावित हुई।

बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स शुक्रवार को शुरुआती नुकसान से उबरते हुए अंत में 60 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंतिम घंटे में वाहन और बैंकिंग शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी आई। इस तरह सेंसेक्स ने चार माह यानी अक्‍टूबर के बाद सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की।

एक दिन की गिरावट के बाद बुधवार को शेयर बाजार में तेजी रही और बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 190 अंक के उछाल के साथ 23,381.87 अंक पर बंद हुआ। तेल-गैस, स्वास्थ्य देखभाल, वाहन और धातु कंपनियों के शेयरों में लिवाली का जोर रहा।

Success Tips: बनना चाहते हैं अमीर निवेशक, इस नवरात्रि महिलाओं से सीखें सफलता के 3 मंत्र

Investment Tips: एक सफल निवेशक बनना है तो इस नवरात्रि महिला निवेशकों से तीन जरूरी खूबियां सीखने का एक अच्छा समय है.

Success Tips: बनना चाहते हैं अमीर निवेशक, इस नवरात्रि महिलाओं से सीखें सफलता के 3 मंत्र

Investment Tips: एक सफल निवेशक बनना है तो इस नवरात्रि महिला निवेशकों से तीन जरूरी खूबियां सीखने का एक अच्छा समय है.

Investment Tips: भारत में नवरात्रि का अपना एक खास महत्व है. नवरात्रि को बुराई पर अच्छाई की जीत के उत्सव के रूप में जाना जाता है. रोशनी के त्योहार दिवाली से पहले नवरात्रि मनाई जाती है. यहीं से सर्दियों पहले फेस्ठिव सीजन की शुरूआत हो जाती है. यह वह समय है, जब ग्राहक ग्राहक खरीददारी के लिए बाजार में आते हैं. असल में यह त्योहार भी कुछ नया करने का संकेत देता है, जहां हम यह सोचते हैं कि हम आगे क्या करना चाहिए या क्या करना चाहते हैं. यह वह पल है, जब हम नए सिरे से जोश और उत्साह के साथ सीखने, प्रगति करने और आगे बढ़ने का संकल्प लेते हैं. ऐसे में बहुत से लोग दशहरा के आस पास नए निवेश का महत्व देते हैं.

नवरात्रि को शक्ति का भी प्रतीक माना जाता है. ऐसे में हम आपको बताएंगे कि एक सफल निवेशक बनना है तो महिला निवेशकों से तीन जरूरी खूबियां सीखने का एक अच्छा समय है. यहां उनकी तीन सबसे महत्वपूर्ण खूबियों के बारे में बताया गया है, जिन्हें आपको अपनाना चाहिए.

1. बाजार में तत्परता

कई महिला निवेशकों ने सफल ट्रेडर्स के रूप में अपनी एक खास जगह या प्रतिष्ठा बनाई है. आप यह सोच रहे होंगे कि आखिर उनकी सफलता के क्या राज हैं. बाजार में तत्परता दिखाकर, इन महिला निवेशकों ने लगातार बाजार का अध्ययन किया, और अपने ट्रेडिंग अनुभव से सफलता हासिल की. बाजार में तत्परता दिखाने का मतलब है कि एक व्यक्तिगत निवेशक के रूप में, आपके पास अपने कई गुना वित्तीय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एक निवेश नीति होनी चाहिए. मसलन रिटायरमेंट प्लानिंग से प्लान एक्सपेंडिचर्स के लिए फंड बनाना, और दौलत कमाने से लेकर संपत्ति बनाने तक.

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3 महत्वपूर्ण फैक्टर्स: अपनी निवेश यात्रा शुरू करने से पहले आपको तीन महत्वपूर्ण फैक्टर्स पर भी विचार करना चाहिए. जिनमें अपने व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों के आधार पर एक निवेश की रणनीति बनाना, चाहे यह अल्पकालिक, मध्यावधि या दीर्घकालिक हो. दूसरा अपनी जोखिम लेने की क्षमता को जानना और तीसरा अपनी पसंदीदा निवेश शैली पर ध्यान देना.

निवेश करने के पहले ये होनी चाहिए तैयारी: एक निवेशक के रूप में, जिसने अभी-अभी ट्रेडिंग शुरू की हो, बाजार का लगातार अध्ययन आपको बाजार की अच्छी समझ होनी चाहिए. सफल महिला निवेशकों की तरह, जिन्होंने बाजार में तत्परता दिखाई है, आपको हमेशा बाजार के प्रमुख बदलाव याद रखने चाहिए. न कि तुरंत अमीर बनने के लिए उल्टा सीधा निवेश कर बैठें. बाजार में तत्परता दिखाने का मतलब यह भी है कि निवेश करने से पहले, आपको अच्छी तरह से बाजार का रिसर्च करना चाहिए. साथ ही कुछ महत्वपूर्ण मानदंड समझने चाहिए, जैसे कि मार्केट कैपिटलाइजेशन, डेट टु इक्विटी रेश्यो, प्राइस टु अर्निंग रेश्यो, नेट इनकम, इनकम में ग्रोथ, डिविडेंड जारी करना.

2. लगातार सीखना

इसका मतलब है कि आप न केवल बाजार का लगातार अध्ययन दिन-प्रतिदिन के आधार पर ट्रेडिंग के बारे में सीखते हैं, बल्कि जो बातें सीखते हैं, उन्हें ट्रेडिंग के दौरान अप्लाई भी करते हैं. लगातार सीखना सफलता की पहचान है, चाहे आप किसी इन्वेस्टमेंट ड्राइवेट एन्वायरनमेंट में काम कर रहे हों. अपने दैनिक कामों के साथ शेयर बाजार के बारे में भी थोड़ा-बहुत सीखते रहें, इससे समय के साथ आप सफल निवेशकों की सूची में भी शामिल हो सकते हैं. जैसा कि सफल महिला निवेशकों ने दिखाया है.

निरंतर सीखने का मतलब अच्छा निवेश पोर्टफोलियो बनाना भी है. ध्यान रहे कि शेयर बाजार आपको डाइवर्सिफिकेशन का लाभ देते हैं, जहां आप स्टॉक, कमोडिटीज, फ्यूचर्स और ऑप्शंस और करंसी में निवेश कर सकते हैं. इसके साथ-साथ, आपको मैक्रोइकॉनॉमिक इंडिकेटर्स पर लगातार ध्यान देना होगा, जिसका बाजार पर काफी प्रभाव पड़ता है.

3. धैर्य बनाए रखना

महिलाओं का एक गुण धैर्य भी है. प्रॉफिटेबल और कॉम्पिटीटिव रिटर्न पाने के लिए दीर्घकालिक निवेश नीति रखने के साथ, आपको हर कीमत पर भावनाओं पर आधारित निवेश से बचना है. सफल महिला निवेशकों के अनुसार, ट्रेडिंग को बाजार की चाल और कंपनी की बाजार का लगातार अध्ययन रिपोर्ट जैसे व्यावहारिक विचारों से प्रासंगिक होना चाहिए. अगर बाजार अचानक ही गिरने लगता है, तो यह आपके धैर्य और भावनात्मक बुद्धिमत्ता की परीक्षा का समय होगा.

परीक्षा के इस समय पर, कई निवेशक खरीद और बिक्री से घबराते हैं. यह सफल निवेशक की खूबी नहीं है. याद रखें, बाजार एक निश्चित अवधि के बाद रीबाउंड कर सकता है. कई बार, जब बाजार में गिरावट होती है, तो सफल निवेशक अपनी निवेश नीति पर कायम रहते हैं. बाजार के बेसिक्स का पालन का ही पालन करने, अनुभवी निवेशकों/करते हें.

RBI Report: रंग आईं Reserve Bank Of India की कोशिशें, विदेशी मुद्रा भंडार घटने की रफ़्तार हुई कम

2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान भंडार 22 प्रतिशत कम हुआ था। यूक्रेन-रूस युद्ध के बाद उत्पन्न उतार-चढ़ाव के दौरान इसमें केवल छह प्रतिशत की कमी आई है।

Amrish Kumar Yadav

Written By: Amrish Kumar Yadav @theamrishkumar
Updated on: August 27, 2022 18:41 IST

RBI- India TV Hindi

Photo:PTI RBI

भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान विदेशी मुद्रा भंडार घटने की दर में कमी आई है। आरबीआई अधिकारियों के अध्ययन में यह कहा गया है। अध्ययन में 2007 से लेकर रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण मौजूदा समय में उत्पन्न उतार-चढ़ाव को शामिल किया गया है। केंद्रीय बैंक की विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप की एक घोषित नीति है। केंद्रीय बैंक यदि बाजार में अस्थिरता देखता है, तो हस्तक्षेप करता है। हालांकि, रिजर्व बैंक मुद्रा को लेकर कभी भी लक्षित स्तर नहीं देता है।

आरबीआई के वित्तीय बाजार संचालन विभाग के सौरभ नाथ, विक्रम राजपूत और गोपालकृष्णन एस के अध्ययन में कहा गया है कि 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान भंडार 22 प्रतिशत कम हुआ था। यूक्रेन-रूस युद्ध के बाद उत्पन्न उतार-चढ़ाव के दौरान इसमें केवल छह प्रतिशत की कमी आई है। अध्ययन में कहा गया है कि इसमें व्यक्त विचार लेखकों के हैं और यह कोई जरूरी नहीं है कि यह केंद्रीय बैंक की सोच से मेल खाए।

रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर अपने हस्तक्षेप उद्देश्य को प्राप्त करने में सफल रहा है। यह विदेशी मुद्रा भंडार में घटने की कम दर से पता चलता है। अध्ययन के अनुसार, निरपेक्ष रूप से 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट के कारण मुद्रा भंडार में 70 अरब अमेरिकी डॉलर की गिरावट आई। जबकि कोविड-19 अवधि के दौरान इसमें 17 अरब डॉलर की ही कमी हुई। वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण इस वर्ष 29 जुलाई तक 56 अरब डॉलर की कमी आई है।

अध्ययन में कहा गया है कि उतार-चढ़ाव को प्रभावित करने वाले प्रमुख तत्वों में ब्याज दर, मुद्रास्फीति, सरकारी कर्ज, चालू खाते का घाटा, जिंसों पर निर्भरता राजनीतिक स्थिरता के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर घटनाक्रम शामिल हैं।

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